"केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट के दबाव में आकर पंजाब पुलिस ने धारा 307 (हत्या के प्रयास) का मामला बना दिया है।" 5 जनवरी 2022 को संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के आह्वान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पंजाब यात्रा का भारतीय किसान यूनियन (क्रांतिकारी) द्वारा विरोध किया गया था, तब फिरोजपुर के प्यारेआणा गांव के पुल से ही प्रधानमंत्री का काफिला वापस लौट गया था। इस मामले में पहले पंजाब पुलिस ने सिर्फ यातायात संबंधी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था, लेकिन अब केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट के दबाव में आकर पंजाब पुलिस ने धारा 307 (हत्या के प्रयास) का मामला बना दिया है। जबकि तथ्य यह हैं कि प्रधानमंत्री मोदी का काफिला लगभग एक किलोमीटर पीछे ही रुका हुआ था। वहां कोई झड़प नहीं हुई थी, न ही किसी को कोई चोट लगी थी। इसलिए यह सरासर अन्याय है। अब BKU (क्रांतिकारी) के प्रदेश अध्यक्ष बलदेव जीरा सहित कई नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर दिया गया है। सभी साथियों से अपील है कि हमें इस अन्याय के खिलाफ डटकर विरोध करना चाहिए।
सोनीपत : 13 जनवरी 2025, संयुक्त किसान मोर्चा, सोनीपत की ओर से केंद्र सरकार की किसान विरोधी कृषि नीति के खिलाफ व 48 दिन से एमएसपी की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे जगजीत सिंह डल्ललेवाल की जान बचाने के लिए पंचायत भवन में एक सभा की गई। इसमें वक्ताओं ने कहा कि यह कृषि नीति देश के चंद कॉरपोरेट घरानों के लिए लाई गई है। इसमें जहां किसान के ऊपर मार पड़ेगी वहीं जितने भी आढ़ती व छोटे व्यापारी हैं, वे सभी बर्बाद हो जाएंगे । तीन जनविरोधी कृषि कानूनों के खिलाफ 750 से ज्यादा किसानों की शहादत देते हुए सरकार को कानून वापस लेने के लिए मजबूर किया था। उसके बाद बिजली संशोधन बिल लाया गया है। जिसके माध्यम से बिजली का पूर्ण निजीकरण कर दिया जाएगा। मोबाइल फोन की तरह से बिजली के अग्रिम भुगतान करने का नियम बनाया जा रहा है। कर्ज के बोझ के नीचे दबते हुए किसान मजदूर आए दिन आत्महत्या कर रहे हैं। दूसरी तरफ किसानों समेत आम जनता का शोषण करते हुए देश कि ज्यादातर धन दौलत चंद पूंजीपतियों/कॉर्पोरेट के पास जमा हो गई है। दूसरी तरफ आम जनता की खरीद शक्ति न रहने की वजह से यह पूंजीवादी साम्राज्यवादी व्यवस्था गहन म...
दोस्तों चौधरी चरण सिंह हरियाणा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी हिसार के सामने है हमारे पीछे इसका चार नंबर गेट है जो बहुत सुंदर है यूनिवर्सिटी अंदर से भी उतनी ही सुंदर है, लोग यूनिवर्सिटी को देखने के लिए तरसते हैं। लेकिन क्या सच मे यूनिवर्सिटी सुंदर है? यहां के वैज्ञानिक, छात्र, गैर शिक्षक कितने परेशान है ये हम सबको जरूर जानना चाहिए। यूनिवर्सिटी के अंदर दो गुट बने हुए हैं एक गुट जिसका नेतृत्व यूनिवर्सिटी के कुलपति BR कंबोज करते हैं इस गुट पर लगातार भ्रष्टाचार के आरोप, तानाशाही भरे फैसले करने के आरोप लगाते रहे हैं। इस गुट में निजी फायदा उठाने, विदेशी दौरों पर घूमने वाले, प्रमोशन का फायदा उठाने वाले शिक्षक व गैर शिक्षक है। तो वहीं जो दूसरा गुट है वो भ्रष्टाचार के खिलाफ बात करता है। यूनिवर्सिटी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए मेहनत करता है। ये गुट यूनिवर्सिटी को किसानों के लिए बचाना चाहता हैं। इनको समय-समय पर कुलपति के गुट द्वारा परेशा...
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